रोना देखकर राकेश टिकैत के सपोर्ट में फिर आए लोग, 5 हजार से ज्यादा किसान हुए इकट्ठा

दिल्ली के बॉर्डरों पर लगभग 2 महीनों से चले आ रहे आंदोलन 26 जनवरी को अपना रूख बदल लिया। गणतंत्र पर निकाली गई ट्रैक्टर रैली में हुई हिंसक घटनाएं और लाल किले पर धर्म विशेष का झंडा लहराने वाली घटना ने किसानों के आंदोलन को कमजोर कर दिया। कल रात गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत मीडिया से बातचीत करते समय भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े. उऩ्होंने बॉर्डर से हटने साफ इनकार कर दिया है।