गुरु राशि परिवर्तन 2020: इन राशि वालों के लिए धन-वृद्धि के योग

कार्तिक शुक्ल पक्ष पंचमी 19 नवंबर 2020 दिन गुरुवार को दिन में 10 बजकर 40 मिनट पर देवगुरु बृहस्पति अपने स्वाभाविक गोचरीय संचरण के क्रम में अपनी मूल त्रिकोण राशि धनु से शनिदेव की राशि मकर मे गोचरीय संचरण प्रारंभ करेंगे। देवगुरु एक राशि में लगभग 13 माह तक वक्री एवं मार्गी गति के साथ गोचरीय संचरण करते है। वर्तमान में देवगुरु अपनी राशि धनु में वक्री एवं मार्गी गति के साथ संचरण करते हुए लगभग 13 महीनों की यात्रा 19 नवम्बर 2020 दिन गुरुवार तक पूर्ण कर अगली राशि मकर में गोचरीय संचरण प्रारम्भ करेंगे। इस दौरान एक राशि आगे तक कि भी यात्रा करते हैं। 19 नवंबर दिन गुरुवार से देवगुरु 5 अप्रैल 2021 तक मार्गी होकर मकर राशि में गोचर करते रहेंगे। उसके बाद कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे। पुनः वक्री गति से वापस मकर राशि में आएंगे । इस प्रकार अपनी वक्री एवं मार्गी गति के साथ नीच राशि मकर में लगभग 13 माह तक विद्यमान रहकर चराचर जगत को पूर्ण रूप से प्रभावित करेंगे।