Explainer: Covaxin और Covishield के मुकाबले कितनी असरदार है Sputnik V ?

एक्सपर्ट कमेटी ने रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V के इमरजेंसी यूज को मंजूरी दे दी है। अब ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) इस पर फैसला लेगा। मंजूरी मिलने पर यह भारत के कोरोना टीकाकरण अभियान में शामिल होने वाली तीसरी वैक्सीन बन जाएगी। स्पूतनिक वी का भारत में 35 करोड़ डोज से ज्यादा का सालाना प्रोडक्शन हो सकेगा। इसके आने से वैक्सीन की कमी दूर हो सकेगी। एक और अच्छी बात ये है कि इसे 2 से 8 डिग्री सेल्सियस तापमान पर स्टोर किया जा सकता है। भारत में उपलब्ध कोवैक्सिन का एफिकेसी रेट 81% है, जबकि कोवीशील्ड का कुछ शर्तों के साथ 80% तक। स्पुतनिक-V इस मामले में आगे है और इसको 91.6% इफेक्टिव बताया जा रहा है्। यानी कोरोना के खिलाफ जंग में इसे ज्यादा बेहतर माना जा रहा है है।