सिंघु बार्डर पर किसानों का जूता पॉलिस कर रहे हैं इंवेंट मैनेजमेंट कंपनी के मालिक

ये मेरे गुरु की कृपा है कि किसानों के चरणों की धूल मुझे मिल रही है। मैं न तो किसान हूं और न ही मेरा खेती किसानी से कोई वास्ता है। यह कहना है कि सिंघू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में किसानों का जूता पॉलिस करने वाले इवेंट मैंनेजमेंट कंपनी चलाने वाले अजित पाल सिंह का। अजित पाल सिंह जहां बैठकर जूता पॉलिस करते हैं उसके सामने उन्होंने बेंच लगाई है। वह किसानों को हाथ जोड़कर बुलाकर वहां बैठाते हैं। फिर उनका जूता पॉलिस करते हैं। जूता पॉलिस करने के बाद वह विनम्रता से किसानों से कहते हैं कि आपका धन्यवाद जो आपने सेवा का अवसर दिया। अनंतपुर साहिब से आए अजित पाल सिंह का कहना है कि मेरे पिता सेना में थे। हम घर से एक दर्द लेकर निकले हैं। यह आंदोलन केवल किसानों का नहीं है। इससे नौकरी वाला भी प्रभावित होगा। मैं 20 दिसंबर को घर से निकला और 12 दिन पैदल चलकर परिवार के साथ यहां पहुंचा हूं। यहां सेवा भाव के तहत किसानों का जूता पॉलिस कर रहा हूं। मेरे लिए यह किसान किसी योद्धा से कम नहीं हैं। मुझे उनका जूता पॉलिस करके एक संतुष्टि मिलती है।