सीएसआईआर ने विकसित की पराली से प्लाई तैयार करने की तकनीक, आग लगने का खतरा न के बराबर

पराली जलाने से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या गंभीर रूप धारण कर चुकी है। वैज्ञानिक पराली के प्रबंधन को लेकर कई उपाय कर रहे हैं। इसी सिलसिले में सीएसआईआर की भोपाल स्थित प्रयोगशाला ने पराली से प्लाई और लकड़ी तैयार करने की तकनीक विकसित की है। उसने इसे उद्योग जगत को हस्तांतरित कर दिया है। एडवांस्ड मैटिरयल्स एंड प्रोसेसेज रिसर्च इंस्टीट्यूट (एएमपीआरआई) के वैज्ञानिकों ने पराली, औद्योगिक अपशिष्ट जैसे फ्लाई ऐश और मार्बल के कचरे तथा फाइबर का प्रयोग करते हुए हाईब्रिड प्लाई और कंपोजिट वुड विकसित की है। यह लकड़ी बेहद मजबूत है तथा आम लकड़ी की तुलना में ज्यादा प्रभावी होती है। इसमें आग लगने का खतरा भी न के बराबर होता है।