जानें क्या है होला मोहल्ला कार्यक्रम, सिखों के लिए क्या है इसका महत्व

महाराष्ट्र के नांदेड़ में होला मोहल्ला उत्सव के दौरान हुई हिंसा के चलते यह कार्यक्रम काफी चर्चा में है। असल में सिखों धर्म के अनुयायियों में होला मोहल्ला कार्यक्रम का खास महत्व है। आमतौर पर देश-दुनिया में सिख धर्म के लोग इसे होली के एक दिन बाद से मनाते हैं लेकिन कई बार यह होली से ही शुरू हो जाता है। सिक्खों के दसवें गुरु गोबिन्द सिंह ने इस मेले की शुरुआत की थी। सिक्खों के पवित्र धर्मस्थान श्री आनन्दपुर साहिब में होली के अगले दिन से लगने वाले मेले को होला मोहल्ला कहते है। छह दिन के इस भव्य मेले में विशाल लंगर का आयोजन किया जाता है।