अनुपम खेर ने 'गंजों' को डेडिकेट किया गाना, "ज़ुल्म के पंजों में हूं, मैं भी अब गंजों में हूं"

अनुपम खेर ने ट्विटर पर वीडियो शेयर किया है और लिखा है, दुनिया भर के गंजों को समर्पित.. आज से 40 साल पहले जब मैं मुंबई फिल्मों में अपनी किस्मत आजमाने आया था तो मेरे बाल झड़ रहे थे और अस्त-व्यस्त थे। लोग इसे मेरी किस्मत कहते थे और मैं इसे अपनी खासियत कहता था। ऐसे में मैंने खुद को और जमाने को हंसाने के लिए गंजों पर ये गाना लिखा।