कैसे करें श्रीदुर्गा सप्तशती का पाठ और जानिए रात्रि पूजा का महत्व

चैत्र नवरात्र की दूसरी महाशक्ति हैं-ब्रह्मचारिणी। ब्रह्मा जी के कमंडल के जल से इनकाआर्विभाव हुआ। ब्रह्मांड को अपनी शक्ति से संचालित करने वाली ब्रह्मचारिणी देवी साक्षात सरस्वती ही हैं। पूरा ब्रह्मांड ज्ञान-विज्ञान, शब्द, सुर-संगीत, सौंदर्य, सकारात्मकता और कर्म निरुपित प्रावधानों से ही चलता है। इसलिए, कर्म को सबसे बड़ी शक्ति कहा गया है। शब्द हमारे अमर होते हैं। हमारा सृजन कभी मरता नहीं। वह सदा-सर्वदा अमर रहता है। इसलिए, शब्दों को ब्रह्मांड कहा गया है। वस्तुत: यही हमारा आत्मबल है और यही हमारी शक्ति और यही दुर्गा कवच। जिसके पास स्वास्थ्य है, उसके पास सभी कुछ है।