'लव जिहाद' वाले धर्मांतरण अध्यादेश पर राेक लगाने से कोर्ट का इनकार, योगी सरकार से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लव जेहाद की घटनाओं पर लगाम के लिए लाए गए धर्मांतरण अध्यादेश को रद्द करने की मांग में दाखिल जनहित याचिकाओं पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।कोर्ट ने अध्यादेश पर अंतरिम रोक लगाए जाने से फिलहाल इनकार कर दिया। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर एवं जस्टिस पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने इस मामले में दाखिल तीन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचिकाओं में अध्यादेश को गैर ज़रूरी बताते हुए इसे रद्द किए जाने की मांग की गई है। सरकार की ओर से अध्यादेश को ज़रूरी बताते हुए कहा गया कि क़ानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह का अध्यादेश बहुत ज़रूरी हो गया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब के लिए चार जनवरी तक का समय दिया है। उसके बाद याचियों को अगले दो दिनों में प्रत्युत्तर हलफनामा दाखिल करना होगा। याचिकाओं पर अगली सुनवाई सात जनवरी को होगी।