किसान आंदोलन के समर्थन में ग्रेटा थनबर्ग का ट्वीट भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा का हिस्सा,

किसान आंदोलन की आड़ में भारत के खिलाफ विदेशी प्रोपेगेंडा की हकीकत अब सामने आने लगी है। एक जांच में खुलासा हुआ है कि कृषि कानूनों के खिलाफ भारत में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वालीं ग्रेटा थनबर्ग का ट्वीट खालिस्तानी संगठन के प्रोपेगंडा का हिस्सा था। दरअसल, ग्रेटा थनबर्ग ने एक ट्वीट किया था, जिसे उन्होंने बाद में डिलीट कर लिया। इसकी प्रारंभिक जांच में यह बात सामने निकलकर आयी है कि इसके पीछे कनाडा स्थित खालिस्तान का समर्थन करने वाले संगठन का हाथ है। वही युनाइटेड हिंदू फ्रंट के कार्यकर्ताओं ने आज जंतर मंतर पर स्वीडिश क्लाइमेट एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग और पॉप सिंगर रिहाना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।